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ईरान में जंग के बीच शांति की प्रार्थना: भारत में 850+ जगहों पर सामूहिक गदा पूजन, हनुमान जयंती हुए विशेष आयोजन

Fri, 03 Apr 2026 12:51 PM IST
Jyoti Bhaskar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/फरीदाबाद।

सार

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत में भी चिंता बढ़ रही है। एक महीने से जारी जंग के बीच आई हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर देश की कई जगहों पर शांति की कामना की गई। हिंदू जनजागृति समिति की तरफ से सामूहिक गदा पूजन का आयोजन कराया गया।
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फरीदाबाद में गदा पूजन का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिंदू जनजागृति समिति ने हनुमान जयंती पर सामूहिक ‘गदा पूजन’ का आयोजन किया। समिति की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि वर्तमान में संपूर्ण विश्व युद्ध जैसी स्थिति के कगार पर खड़ा है। इतिहास बताता है कि जिन युद्धों में हनुमान विराजमान रहे, वहां विजय निश्चित हुई है। इसी संकल्प के साथ शांति की कामना करते हुए देश की 800 से अधिक जगहों पर गदा पूजन कराया गया।

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देशभर में 850 से अधिक स्थानों पर कराए गए गदा पूजन में दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मथुरा और सोनीपत की 21 से अधिक जगहें भी शामिल रहीं। फरीदाबाद के सेक्टर 29 स्थित सनातन धर्म मंदिर में भी गदा पूजन हुआ। विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री संजय ने यह पूजन संपन्न कराया। देश और धर्म पर संकट के इस समय में भय का वातावरण निर्मित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक हिंदू में मारुति जैसे शौर्य, शक्ति और भक्ति का जागरण आवश्यक है। इससे आने वाले कठिन समय में हिंदुओं की विजय सुनिश्चित होगी। यह कार्यक्रम पिछले चार वर्षों से सफलतापूर्वक आयोजित हो रहा है।

'गदा पूजन' की विधि और ऐसे आयोजन का मकसद क्या?
समिति ने बताया कि ‘गदा पूजन’ विधि के पश्चात हनुमान की आरती हुई। इसके बाद मारुति स्तोत्र पाठ और शंखनाद किया गया। सामूहिक प्रार्थना के उपरांत ‘हनुमते नमः’ का नामजप हुआ। इस अवसर पर ‘रामराज्य की स्थापना हेतु मारुति के गुणों को कैसे आत्मसात करें’ विषय पर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम के अंत में ‘रामराज्य की स्थापना के लिए सामूहिक प्रतिज्ञा’ ली गई।
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कार्यक्रम की निरंतरता और भागीदारी
हिंदू जनजागृति समिति के मुताबिक यह कार्यक्रम पिछले चार वर्षों से आयोजित कराया जा रहा है। इस वर्ष की तरह इस साल भी हिंदुत्वनिष्ठों और श्रद्धालुओं की उत्स्फूर्त भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे। यह आयोजन देश और धर्म को बल प्रदान करने के उद्देश्य से किया जाता है।

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