कोरोना वायरस से देश की चमचमाती और पर्यटकों से भरी ऐतिहासिक इमारतों में अब एकांत पसरा है। महामारी ने कई भवनों और स्मारकों की उन्मादी ऊर्जा को एक भयंकर शांति में तब्दील कर दिया है।
17 मार्च के दिन घरेलू और विदेशी पर्यटक भौंचक्के रह गए जब दुनिया के पहले अजूबे ताजमहल में जाने नहीं दिया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने कोरोना महामारी के मद्देनजर देश के स्मारकों औक ऐतिहासिक इमारतों को बंद करने का फैसला लिया था। आजाद भारत में ऐसा दूसरी बार हुआ था जब ताजमहल को पर्यटकों के लिए बंद किया गया हो, इससे पहले 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय ताजमहल बंद किया गया था।