इन इलाकों में आवास के लिए भारतीय सेना के पास बड़े से लेकर छोटे साइज तक के तंबू का पर्याप्त स्टॉक है। बड़े तंबू में लगभग एक दर्जन जवान ठहर सकते हैं, जबकि छोटा तंबू एक जवान के लिए होता है। इन तंबुओं में हीटर होते हैं और ये -50 डिग्री तापमान में भी जवानों को गर्म और सुरक्षित रख सकते हैं।
ये तंबू कई परतों से बने होते हैं। तंबू की बाहरी परत वाटरप्रूफ है, जबकि अंदर की परत रजाई के कपड़े से बनी होती है जो तापमान को अधिक रखने में मदद करती है। साथ ही, ये तंबू सौर पैनलों से भी सुसज्जित हैं, जिसके माध्यम से जवानों की बिजली की बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
लेफ्टिनेंट कर्नल मोनार्क साध ने कहा, यह लद्दाख का सबसे बड़ा डिपो है जहां हमारे पास विशेष तंबू, कपड़े, हीटिंग उपकरण आदि हैं, जो हम जवानों को प्रदान करते हैं। ऊंचाई के लिए छोटे और बड़े अलग-अलग तंबू हैं। ये हमारे सभी जवानों को प्रदान किए गए हैं।
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लद्दाख में सीमा पर तनाव के बीच, भारतीय सेना ने सैनिकों को ईंधन की आपूर्ति करने और सर्दियों के मौसम के उन्हें ठंड से बचाने के लिए लद्दाख में तेल डिपो का स्टॉक किया है। भारत और चीन के बीच कई दौर की वार्ता विफल रहने के बाद अब भारतीय पक्ष ने उच्च पर्वतीय क्षेत्र में दीर्घकालिक तैनाती के लिए खुद को तैयार किया है।