दुनियाभर में कोरोना की वजह से लोगों से घरों में रहने के लिए कहा जा रहा है। भारत में पिछले 48 दिन से लॉकडाउन लगा हुआ है और हर किसी को घरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे कठिन समय में जब हर कोई अपने-अपने घर में है, तब असम में एक विवादास्पद फैसले ने सबको हैरान कर दिया है।
यहां के वन विभाग ने अमचंग वन्यजीव अभयारण्य के पास रहने वाले एक गांव के 30 परिवारों से इलाका खाली करने का नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के बाद राज्य की विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेता देबब्रता सैकिया ने पर्यावरण और वन मंत्री परिमल को एक खत लिखकर इस फैसले को अमानवीय बताया है।
गुवाहाटी वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी ने 8 मई को गारबस्ती गाँव के 30 परिवारों को बेदखली नोटिस जारी किए थे, उनसे 15 दिनों के भीतर क्षेत्र खाली करने को कहा था।
कई संगठनों और प्रमुख व्यक्तियों ने सरकार के फैसले की आलोचना की है और प्रशासन से इसकी समीक्षा करने का अनुरोध किया है क्योंकि 2017 में गौहाटी उच्च न्यायालय ने इस क्षेत्र में एक निष्कासन अभियान को निलंबित कर दिया था और इस मामले को हल किया जाना बाकी है।