भारत के पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक पर उठ रहे सवालों पर विराम लग गया है। भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत अमेरिका के पास मौजूद हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्ट्राइक से समय अमेरिकी सेटेलाइट ने इस स्ट्राइक को रिकॉर्ड कर लिया था और उसके फुटेज अमेरिका के पास मौजूद है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि स्ट्राइक के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने अजीत डोभाल से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली थी।
उल्लेखनीय है कि भारत ने सेना के उड़ी कैंप पर हुए आतंकी हमले का जवाब देते हुए 28 सितंबर को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। सेना ने उड़ी में शहीद हुए 19 सैनिकों की शहादत का बदला करीब 50 आतंकी मारकर लिया।
हालांकि पाकिस्तान लगातार अपनी खीज मिटाने के लिए ये कहता चला आ रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक नाम की कोई घटना नहीं हुई है। जबकि भारतीय सेना ने हमला करने का समय और जगह भी बता दिया है।
पाक ने पत्रकारों को कराया था एलओसी का दौरा
Pak Army officials
सर्जिकल स्ट्राइक के भारत के दावे को झूठा साबित करने के लिए पाकिस्तान ने देसी-विदेशी पत्रकारों को एलओसी का दौरा भी कराया। इस दौरान बाजवा ने भारत के दावे को मनगढ़ंत, बेबुनियाद, सफेद झूठ और गैर जिम्मेदाराना करार दिया था।
उन्होंने पत्रकारों के एक दल को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के भम्भर और तत्ता पानी सेक्टर के दौरा कराया। उन्होंने इस दौरान देसी और विदेशी पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हम पश्चिमी सीमाओं पर दहशतगर्दी खिलाफ जंग लड़ रहे हैं।
एक ऐसे मौके पर जब ये जंग अपने खात्मे की ओर है फौजी दस्तों का मूवमेंट नुकसानदेह होगा। साथ ही उन्होंने कहा था कि हमारा इलाका आम लोगों, मीडिया और संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों के लिए खुला हुआ है। जैसा भारत दावा कर रहा है ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। अगर भारत सर्जिकल स्ट्राइक का दावा कर रहा है तो सबूत पेश करे।
डीजीएमओ ने 29 सितंबर को दी थी स्ट्राइक की जानकारी
डीजीएमओ रणबीर सिंह
- फोटो : ANI
भारतीय के डीजीएमओ रणबीर सिंह ने 29 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक्स कर कई आतंकियों शिविरों को ध्वस्त कर दिया है।
डीजीएमओ सिंह ने बताया, ‘भारत लगातार उच्च कूटनीतिक और राजनीतिक स्तर पर मामले को उठाता रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी डीजीएमओ को फोन करके इस बारे में जानकारी भी दी थी।
उन्होंने यह भी कहा था कि भारत शांति चाहता है, लेकिन हम आतंकियों को नियंत्रण रेखा के इस पार आकर हमला करने और आम नागरिकों की जानोमाल को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दे सकते।’