कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में अब अमेरिकी कानूनविद भी उतर आए हैं। हाल ही में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो किसानों का समर्थन कर चुके हैं। हालांकि भारत पहले ही कह चुका है कि यह उसका आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
अमेरिका कांग्रेस नेता डग लामाल्फा ने कहा, हम भारत के किसानों के साथ खड़े हैं। वहीं, डेमोक्रेटिक सांसद जोश हार्डर ने कहा कि भारतीय किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करता हूं कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत दी जाए।
उन्होंने ये भी कहा कि सरकार नए कानून के तहत किसानों को अच्छे मौका देना चाहती है जिससे उनकी हालत में सुधार होगा। सांसद टीजे कॉक्स ने कहा कि भारत को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को दरकिनार नहीं करना चाहिए साथ ही अपने लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना होगा।
एंडी लेविन ने कहा है कि मैं भारतीय किसानों के आंदोलन से प्रभावित हूं। मैं वर्ष 2021 में जनशक्ति के अग्रदूत को देख रहा हूं।
अमेरिकी मीडिया में छाए रहे किसान
विदेशी मीडिया की भी नजर किसान आंदोलन पर हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि भारत की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश में किसान सरकार के विरोध में सड़कों पर हैं। सीएनएन लिखता है कि भारत की राजधानी में हजारों की संख्या में किसान कई सप्ताह से सड़कों पर कैंप लगाकर सरकार के खिलाफ बैठे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी जीविका खत्म करना चाहती है।