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US: अमेरिका ने फिर पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया; सैन्य कोर्ट से आम नागरिकों को सजा सुनाए जाने पर जताई चिंता

Tue, 24 Dec 2024 07:42 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

सैन्य अदालतों के 25 लोगों को सजा सुनाने पर अमेरिका ने चिंता जताई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि अमेरिका एक सैन्य न्यायाधिकरण द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को सजा सुनाए जाने चिंतित है। उन्होंने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा कि हम पाकिस्तानी अधिकारियों से निष्पक्ष सुनवाई और उचित प्रक्रिया के अधिकार का सम्मान करने का आह्वान करते हैं। 
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मैथ्यू मिलर - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पाकिस्तान में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने पर सैन्य अदालतों के 25 लोगों को सजा सुनाने पर अमेरिका ने चिंता जताई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि अमेरिका एक सैन्य न्यायाधिकरण द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को सजा सुनाए जाने चिंतित है। उन्होंने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा कि हम पाकिस्तानी अधिकारियों से निष्पक्ष सुनवाई और उचित प्रक्रिया के अधिकार का सम्मान करने का आह्वान करते हैं। 

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हाल ही में पाकिस्तान की सैन्य अदालतों ने पिछले साल मई में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़के दंगों के दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने के लिए 25 नागरिकों को दो से 10 साल तक की जेल की सजा सुनाई थी। 9 मई 2023 को, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पार्टी के संस्थापक इमरान खान की गिरफ्तारी के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए रावलपिंडी में सेना मुख्यालय और फैसलाबाद में आईएसआई के भवन समेत कई सैन्य प्रतिष्ठानों पर कथित तौर पर हमला किया था। 

इस मामले में सेना ने एक विस्तृत बयान में कहा था कि 9 मई को राष्ट्र ने कई स्थानों पर 'राजनीतिक रूप से भड़काई गई हिंसा और आगजनी की दुखद घटनाओं को देखा, जो पाकिस्तान के इतिहास में एक काला अध्याय है' जब नफरत और झूठ के कथानक पर आधारित, सेना के प्रतिष्ठानों और शहीदों के स्मारकों पर राजनीतिक रूप से सुनियोजित हमले किए गए। सेना ने इस घटनाक्रम को 'राष्ट्र को न्याय प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर' बताया और उन सभी लोगों को एक कड़ा संदेश दिया जो निहित स्वार्थों की तरफ से शोषित हैं और उनके राजनीतिक प्रचार और मादक झूठ के शिकार हो गए हैं, कि वे भविष्य में कभी भी कानून को अपने हाथ में न लें। 
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यूरोपीय संघ ने भी जताई थी चिंता
पाकिस्तान की सैन्य अदालतों के फैसले पर यूरोपीय संघ ने भी चिंता जताई थी। यूरोपीय संघ ने कहा था कि इन फैसलों को नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय अनुबंध (ICCPR) के तहत पाकिस्तान के दायित्वों के साथ असंगत माना जाता है। यूरोपीय संघ ने कहा कि ICCPR के अनुच्छेद 14 के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और सक्षम न्यायालय में निष्पक्ष और सार्वजनिक सुनवाई का अधिकार है। उसे कानूनी प्रतिनिधित्व का अधिकार है। इसमें यह भी प्रावधान है कि आपराधिक मामले में दिया गया कोई भी निर्णय सार्वजनिक किया जाएगा।

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