माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भारतवंशी सत्या नडेला ने कहा कि अमेरिका प्रवासियों का देश है, जिसकी पहचान विविधता और दूसरों को अपनाने के रूप में है। उनको खुद अमेरिका की आव्रजन नीति का फायदा मिल चुका है। हालांकि जब नौकरी के अवसर की बात आती है, तो भारत में ‘इंडिया फर्स्ट’ की तर्ज पर अमेरिका में ‘अमेरिका फर्स्ट’ का सिद्धांत होना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी वीजा एवं आव्रजन नीति के सवाल पर नडेला ने कहा, ‘माइक्रोसॉफ्ट के लिए हर देश में दिशानिर्देश आर्थिक अवसर पैदा करने वाले हैं, जिसमें हम प्रतिभाग करते हैं। नजीर के तौर पर मुझे भारत में इंडिया फर्स्ट की बात करनी चाहिए। इसका जवाब मेरे पास होना चाहिए कि हमने भारत की अर्थव्यवस्था के विकास के लिए क्या किया? इसी तरह अमेरिका में अमेरिका फर्स्ट और ब्रिटेन में यूके फर्स्ट की नीति होनी चाहिए।’
इसके अलावा अमेरिकी कंपनी के तौर पर दूसरा सिद्धांत यह है कि हमें हमेशा आगे होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें अमेरिकी मूल्यों को बनाए रखना चाहिए। अमेरिका प्रवासियों का देश है। हम विविधता को अपनाने को तैयार रहते हैं। लिहाजा हम इससे खिलाफ किसी नीति की वकालत कैसे कर सकते हैं।’