केंद्र सरकार के कर्मचारियों और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) सरकारी सहायता और विदेशी चंदा प्राप्त करने के लिए वरिष्ठ प्रबंधन कर्मियों द्वारा परिसंपत्तियों और देनदारियों का खुलासा करने के लिए जुलाई 31 की समय सीमा अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया है।
लोकसभा ने बुधवार को लोकपाल लोकायुक्त संशोधन बिल को बिना चर्चा के पारित कर दिया। संशोधन बिल के कानूनी जामा पहनने के बाद स्वयं सेवी संगठन, ट्रस्ट चलाने वाले लोगों, सरकारी नौकरी करने वालों को खुद और अपने करीबी संबंधियों की संपत्ति को घोषित करना अनिवार्य हो जाएगा।
इसके अलावा इसके अनुच्छेद 44 में संशोधन कर लोकपाल लोकायुक्त की चयन समिति में नेता प्रतिपक्ष की जगह सबसे बड़े विपक्षी दल के संसदीय दल के नेता को शामिल किया गया है। गौरतलब है कि बिल को बुधवार को आनन-फानन पेश किया गया।