आंबेडकर विवाद पर पैदा हुए मुद्दे को लेकर भाजपा आक्रामक हो गई है। पार्टी ने अपने सभी वरिष्ठ नेताओं को इस मोर्चे पर उतार दिया है। पार्टी अपने अनूसूचित जाति मोर्चे के जरिए पूरे देश में वृहद प्रदर्शन की योजना बना रहा है जिसके जरिए लोगों के सामने आंबेडकर के मामले में 'कांग्रेस की सोच का पर्दाफाश' किया जाएगा।
अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन (25 दिसंबर) पर एनडीए के सभी सहयोगी दलों के नेता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर इकट्ठे होंगे। इस अवसर पर एनडीए शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री भी उपस्थित होंगे। इस अनौपचारिक मुलाकात में विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे आंबेडकर के मुद्दे पर एक समग्र रणनीति बनाई जा सकती है। इसका असर भाजपा शासित राज्यों के साथ-साथ उसके सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्यों में एक साथ दिखाई दे सकता है। लोकसभा चुनाव में संविधान के मुद्दे पर हुई 'गलती' को भाजपा दोहराना नहीं चाहती, लिहाजा इस लड़ाई को जीतने के लिए उसने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
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विपक्ष को उसी के सुर में जवाब देने की रणनीति
दरअसल, भाजपा नेता मानते हैं कि लोकसभा चुनाव में 'संविधान में परिवर्तन' के एक झूठे नैरेटिव को स्थापित करने में विपक्ष सफल रहा जिसके कारण उसे काफी नुकसान हुआ। भाजपा नेता यह भी मानते हैं कि जिस तरह आंबेडकर पर अमित शाह के एक बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है, उसके पीछे विपक्ष की सोची-समझी रणनीति है। विपक्ष जानता है कि वह भाजपा को केवल संविधान, आरक्षण और आंबेडकर जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द ही घेर सकती है। यही कारण है कि वह इस मुद्दे पर बहुत आक्रामक रुख अपनाए हुए है। अब भाजपा विपक्ष को उसी के सुर में जवाब देने की रणनीति बना रही है।
कांग्रेस की सोच का पर्दाफाश करने की कोशिश
भाजपा जानती है कि यदि विपक्ष इस बार आंबेडकर के नाम पर एक विवाद खड़ा करने में सफल रहा तो उसे इसका बड़ा नुकसान हो सकता है। लिहाजा वह इस मुद्दे पर आक्रामक हो गई है। पार्टी ने अपने सभी वरिष्ठ नेताओं को इस मोर्चे पर उतार दिया है। पार्टी अपने अनूसूचित जाति मोर्चे के जरिए पूरे देश में वृहद प्रदर्शन की योजना बना रहा है जिसके जरिए लोगों के सामने आंबेडकर के मामले में 'कांग्रेस की सोच का पर्दाफाश' किया जाएगा।
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दिल्ली चुनाव पर भी असर की आशंका
कांग्रेस दिल्ली में भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर दलित समुदाय को अपनी ओर खींचने की तैयारी कर रही है। आम आदमी पार्टी भी इस मुद्दे पर आक्रामक है। वहीं, किसी नुकसान की आशंका से भाजपा पार्टी का अनुसूचित मोर्चा बड़े प्रदर्शन कर इस मुद्दे पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को बेनकाब करने की योजना पर काम कर रहा है।