इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने शुक्रवार को कहा कि भले ही दुनिया में कई देश परमाणु हथियार रखते हैं, लेकिन वे ईरान जितने खतरनाक नहीं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान की नीतियां बहुत आक्रामक और कट्टरपंथी हैं। उन्होंने ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने की अपील की।
अजार ने एक साक्षात्कार में बात करते हुए कहा कि इस्राइल ने किसी भी देश को विनाश की धमकी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि इस्राइल ने हमेशा कहा है कि वह मध्य पूर्व में परमाणु हथियार लाने वाला पहला देश नहीं बनेगा।
ईरान ने बार-बार इस्राइल के विनाश की धमकी दी
अजार ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान के मामले में स्थिति मौलिक रूप से अलग है, क्योंकि वहां के शासन ने बार-बार इस्राइल के विनाश की धमकी दी है। अजार ने कहा, 'हमें कट्टरपंथी विचारधारा वाले देशों से सावधान रहना चाहिए, खासकर उन देशों से जो बार-बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को धोखा देते हैं।'
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अमेरिका के समर्थन के लिए आभार जताया
रूवेन अजार ने अमेरिका के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि अमेरिका ने इस्राइल को अपनी रक्षा के लिए जरूरी मदद दी है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस्राइल किसी और से अपने लिए लड़ाई की उम्मीद नहीं करता, बल्कि अपनी रक्षा खुद करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस्राइल की कार्रवाई आत्मरक्षा पर आधारित है।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस्राइल की सुरक्षा के लिए खतरा
अजार ने कहा कि इस्राइल एक लोकतांत्रिक देश है और केवल तब युद्ध करता है जब उसे खतरा होता है। उन्होंने कहा, 'इस बार हमें अपने अस्तित्व पर खतरा था, इसलिए हमने कार्रवाई की।' अजार ने दावा किया कि इस्राइल के पास पक्के सबूत हैं कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम सीधे तौर पर इस्राइल की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, 'हमने अपने देश को खत्म करने की ईरान की योजना को विफल करने और उसे खत्म करने के लिए लगभग आखिरी क्षण में कार्रवाई की।'
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ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर आरोप
अजार ने कहा कि ईरान पिछले 30 वर्षों से ऐसे हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है जो इस्राइल को तबाह कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का यूरेनियम संवर्धन केवल शांतिपूर्ण कामों के लिए नहीं है, बल्कि उसका मकसद परमाणु हथियार बनाना है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (IAEA) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ईरान NPT समझौते का पालन नहीं कर रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम भी खतरनाक है, और आने वाले वर्षों में यह 20,000 मिसाइलें बना सकता है, जिनमें से हर एक परमाणु बम जितनी ताकतवर हो सकती है।
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