पाकिस्तान की गिरफ्त में रह रहे भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाक की मिलिट्री अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा पर भारत ने सख्त रुख अख्तियार किया। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब किया था।
मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया था कि इस मामले में पाकिस्तान के द्वारा न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। भारत की ओर से कुलभूषण जाधव को दी गई फांसी की सजा को सुनियोजित हत्या करार दिया गया है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि 'यह महत्वपूर्ण है कि हमारे उच्चायोग को भी सूचित नहीं किया गया कि कुलभूषण जाधव पर मुकदमा चलाया जा रहा है'।
कुलभूषण जाधव के मामले में लोग मानते हैं कि भारत मजबूत पैरवी करने में असफल रहा है। अमर उजाला द्वारा कराए गए पोल में पाठकों ने माना है कि कुलभूषण के मामले में भारत ने मजबूत पैरवी नहीं की। पोल में सवाल किया गया था कि क्या आप समझते हैं कि कुलभूषण के मामले में भारत मजबूत पैरवी करने में असफल रहा? इस सवाल पर पाठकों ने अपनी राय का खुलकर इजहार किया।
सबसे ज्यादा 68.06% (5651) पाठकों इस बात से इत्तिफाक रखते हैं कि कुलभूषण के मामले में भारत मजबूत पैरवी करने में असफल रहा। वहीं, 27.94% (2320) पाठकों ने कहा कि कुलभूषण के मामले में भारत मजबूत पैरवी करने में असफल नहीं रहा। इसके अलावा 4% (332) पाठकों ने ने सवाल का जवाब देने में असमर्थता जताई। पोल में कुल 8303 पाठकों ने हिस्सा लिया।