फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर के पत्थरबाजों का समर्थन करते हुए कहा था कि युवा अपनी जिंदगी दांव पर लगाए हुए हैं। यह इसलिए नहीं है कि घाटी में पर्यटन विकास हो, बल्कि वह कश्मीरी मसले का हल कश्मीरी अवाम की मर्जी से करवाना चाहता है।
गौरतलब है कि श्रीनगर लोकसभा सीट से उपचुनाव के लिए नेकां-कांग्रेस के फारूक अब्दुल्ला संयुक्त प्रत्याशी हैं। एक जनसभा के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अप्रैल को चिनैनी-नाशरी टनल के उद्घाटन समारोह में युवाओं से टूरिज्म और टेररिज्म में से किसी एक विकल्प को चुनने को कहा था। वह प्रधानमंत्री से कहना चाहते हैं कि टूरिज्म (पर्यटन) हमारी जीवन रेखा है, इसमें कोई संदेह नहीं है। कश्मीरी युवा वे पत्थरबाज हैं। जिन्हें टूरिज्म से कोई वास्ता नहीं है। वे भूख से मर जाएंगे लेकिन अपने हक के लिए पत्थर बरसाते रहेंगे। इस बात को समझने की जरूरत है।
कश्मीर में युवा पत्थरबाजों का समर्थन करने वाले फारुख अब्दुल्ला के बयान को लोगों ने देश विराधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला बताया है। अमर उजाला द्वारा कराए गए पोल में पाठकों ने माना है कि फारुख अब्दुल्ला का बयान देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला है। पोल में सवाल किया गया था कि क्या आपको लगता है फारुख अब्दुल्ला का यह बयान देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला है?
सवाल के जवाब में पाठकों ने अपनी राय का खुलकर इजहार किया। सबसे अधिक 89.6 फीसदी (9903) पाठकों ने माना कि फारुख अब्दुल्ला का बयान देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला है। वहीं, 9.07 फीसदी (1002) पाठकों ने कहा कि यह बयान देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला नहीं है। इसके अलवा 1.34 फीसदी (148) पाठकों ने सवाल का जवाब देने में असमर्थता जताई। पोल में कुल 11053 पाठकों ने हिस्सा लिया।