आरेजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने 'भाजपा भगाओ, देश बचाओ रैली' से विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश की। इस दौरान लालू परिवार और शरद यादव ने नीतीश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला।
रैली में शरद यादव, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, ममता बनर्जी शामिल थे। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने फोन संदेश के जरिए रैली को संबोधित किया। इस दौरान लालू ने कहा कि नीतीश को तेजस्वी से खतरा महसूस होने लगा था, जिसकी वजह से उन्होंने गठबंधन तोड़ा। नीतीश की राजनीति अब खत्म हो चुकी है। हम उनके आखिरी शिकार हैं।
गौरतलब है कि रैली को 19 दलों के करीब 34 नेताओं ने संबोधित किया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में भाजपा राज के कारण वहां की जनता भी परेशान है। हम सबको मिलकर आगे बढ़ना है और भाजपा को भगाना है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या आप मानते हैं कि लालू यादव की ये कवायद भाजपा के सामने विपक्ष को एकजुट कर पाएगी?'
पोल के जवाब में हमें कुल 18311 वोट मिले। इनमें 31.58 फीसदी (5782 वोट) पाठकों ने हां में जवाब देते हुए कहा कि लालू की ये कवायद विपक्ष को एकजुट करेगी। जबकि 66.07 फीसदी (12098 वोट) पाठकों ने माना कि लालू भाजपा के सामने विपक्ष को एकजुट नहीं कर पाएगी। वहीं 2.35 फीसदी (431 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।