काफी हो हल्ले के बाद आखिरकार 'पद्मावत' पर फैसला आ ही गया। गौरतलब है कि 'पद्मावत' को लेकर उठे बवाल और सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी के बावजूद भी इसके खिलाफ सड़कों पर उतरने वालों, पोस्टर फाड़ने वालों और सिनेमा हॉल में जनता कर्फ्यू लगाने जैसे फरमान जारी करने की बात हो रही है।
ऐसा करने करने वालों को शायद सिनेमा की संस्कृति और इतिहास की किस्सागोई को समझने का वक्त नहीं हैं। इस फिल्म को लेकर करणी सेना का कट्टर रवैया बरकरार है। करणी सेना इस फिल्म पर बैन लगाने को लेकर सारे करतूत अपनाने में लगे हुए हैं। जबकि इस फिल्म को सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड की हरी झंडी मिल गई है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद तमाम लोगों को 25 जनवरी का इंतजार है।
इस पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'करणी सेना के विरोध के बावजूद क्या आप सिनेमा हॉल में 'पद्मावत' देखने जाएंगे?' इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 7,844 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। पोल में 49.03 फीसदी यानि 3,846 पाठकों ने माना कि करणी सेना के विरोध के बावजूद भी लोग सिनेमाघरों में 'पद्मावत' देखने जाएंगे, जबकि 48.02 फीसदी यानि 3,767 पाठकों का मानना है कि करणी सेना के विरोध के कारण वो सिनेमाघरों में 'पद्मावत' देखने नहीं जाएंगे। वहीं, 2.94 फीसदी यानि 231 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।