बुधवार को बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम बहुत तेजी के साथ बदला। इसी क्रम में नीतीश कुमार ने बुधवार शाम को राज्य के गवर्नर से मिलकर बिहार के सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे से पहले उन्होंने जेडीयू विधायकों के साथ बैठक की थी। नीतीश के इस्तीफे के बाद बिहार के राजनीतिक समीकरण बदले और महागठबंधन टूट गया है।
नीतीश ने राज्यपाल को इस्तीफा देते हुए कहा था कि मैंने अपनी अंतर आत्मा की आवाज पर इस्तीफा दिया। नीतीश के इस्तीफे के बाद बीजेपी ने उनकी ओर गठबंधन के लिए हाथ बढ़ाया जिसे उन्होंने तुरंत स्वीकार कर लिया। इसके बाद नीतीश को विधायक दल के नेता के रूप में चुना गया।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या नीतीश का इस्तीफा और भाजपा का समर्थन पहले से तय था?'
पोल के जवाब में हमें कुल 16,877 वोट मिले। इनमें 77.6 फीसदी (13,097 वोट) पाठकों ने नीतीश कुमार का इस्तीफा और भाजपा का समर्थन पहले से तय मानते हुए हां में जवाब दिया, जबकि 18.24 फीसदी (3078 वोट) पाठकों ने माना कि नीतीश का इस्तीफा और भाजपा का समर्थन पहले से तय नहीं था। वहीं 4.16 फीसदी (702 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।