ब्रिटेन की राजधानी लंदन में शनिवार की रात दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। लंदन ब्रिज पर आतंकियों ने फुटपाथ पर वैन चढ़ा दी थी, इसके बाद वे राह चलते लोगों पर चाकू से हमला करने लगे। हमले में सात लोगों की मौत हो गई, वहीं 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मौके पर मौजूद चश्मदीद ने बताया कि वैन की रफ्तार 50 मील से ज्यादा की थी। हमलावरों ने हमला करने से पहले 'अल्लाह' का नाम लिया था। इस मामले में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए न सिर्फ 3 संदिग्धों को मार गिराया, बल्कि 12 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
बता दें कि लंदन में यह एक महीने के अंदर तीसरा बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले 23 मई को ब्रिटेन के मैनचेस्टर अरीना में भी ऐसी ही घटना को अंजाम दिया गया था। मशहूर अमेरिकी गायिका अरियाना ग्रैंडे का पॉप कंसर्ट के खत्म होने के बाद धमाका हुआ था। हमले में 22 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 50 लोग घायल हो गए थे।
अमरउजाला डॉट काम ने लंदन में हो रहे आतंकी घटनाओं पर पाठकों से राय जानने के लिए पोल किया। ऑनलाइन पोल में हमने अपने पाठकों से पुछा था कि 'क्या ब्रिटेन को भी आतंकवाद पर काबू पाने के लिए अमेरिका की तरह सख्त कदम उठाने की जरूरत है?'
हमारे सवाल के जवाब में कुल 9796 लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। इसमें 92.58 फीसदी (9069) लोगों ने माना कि आतंकवाद पर काबू पाने के लिए ब्रिटेन को भी अमेरिका की तरह ही सख्त कदम उठाने चाहिए। वहीं 5.25 फीसदी (514) लोगों का मानना है कि ब्रिटेन को ऐसा करने की जरूरत नहीं है। जबकि 2.17 फीसदी (213) लोगों ने हमारे पोल का जवाब देने में असमर्थता जाहिर की।