आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। इस वक्त न सिर्फ अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता अपने निचले स्तर पर है बल्कि उनकी विश्वसनियता पर सवाल किए जाने लगे हैं। दिल्ली में 2015 के विधानसभा चुनाव में 67 सीटें जीतने वाली 'आप' के 2017 एमसीडी चुनाव में सिर्फ 48 उम्मीदवार ही जीतने में कामयाब हो सके।
ऐसे में बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी ने 26 अप्रैल को आए एमसीडी चुनाव के नतीजों पर मंथन के लिए बैठक बुलाई। पार्टी में हुए मंथन के बाद यह निकलकर सामने आया कि यूपी चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद पीएम मोदी का कद इतना बढ़ चुका है और इतना मजबूत हो चुका है कि किसी के लिए भी उनसे लड़ना बेहद मुश्किल है, यहां तक कि केजरीवाल के लिए भी।
वहीं, यह भी माना जा रहा है कि पीएम मोदी के खिलाफ नकारात्मक बयानबाजी और टकराने की वजह से केजरीवाल को एमसीडी चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ा।
लोग भी इस बात को मान रहे हैं कि केजरीवाल ने सरकार चलाने की बजाए पीएम मोदी से टकराने में ज्यादा वक्त बर्बाद किया। इसी मुद्दे पर अमर उजाला ने पाठकों की राय जानने के लिए पोल कराया। पोल में सवाल किया गया कि क्या आप भी मानते हैं कि केजरीवाल ने सरकार चलाने से ज्यादा समय मोदी से टकराने में गंवाया? इस सावल पर पाठकों ने अपनी राय का खुलकर इजहार किया।
सबसे ज्यादा 90.66% (11397) पाठकों का मानना है कि केजरीवाल ने सरकार चलाने से ज्यादा समय मोदी से टकराने में गंवाया। वहीं, 8.25% (1037) पाठकों का कहना है कि इस बात से इत्तिफाक नहीं रखते कि केजरीवाल ने सरकार चलाने से ज्यादा समय मोदी से टकराने में गंवाया। इसके अलावा 1.09 पाठकों ने इस सवाल का जवाब देने में असमर्थता जताई। पोल में कुल 12571 पाठकों ने हिस्सा लिया।