17 वीं विधानसभा के गठन के बाद विधानमंडल का पहला सत्र सोमवार को शुरू हुआ। सत्र शुरू होते ही सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण के बीच ही विपक्ष ने पर्चे फेंके और हंगामा शुरू कर दिया।
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा बल्कि विपक्ष ने सदन में हंगामे के साथ सीटियां बजाईं और वेल को घेरकर राज्यपाल पर कागज के गोले फेंके जाने लगे। राज्यपाल के बगल में खड़े मार्शल तख्ती से कागज के गोलों से इस तरह बचाव करते नजर आए मानो जैसे टेनिस का मैच चल रहा हो।
बता दें कि राज्यपाल अभिभाषण में सूबे की नई नीतियों की जानकारी देने की कोशिश कर रहे थे विपक्ष ने उनकी आवाज दबाने की पूरी कोशिश की गई साथ ही गोले फेंकने के लिए कागज भी छिपाकर लाया गया था। सपा विधायकों के इस आचरण की कई लोगों ने आलोचना भी की और इसे लोकतंत्र के खिलाफ भी कहा गया।
इसी मुद्दे पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या आप मानते हैं सपा विधायकों का विरोध का यह तरीका पूरी तरह गलत था?'
पोल के जवाब में हमें कुल 11662 वोट मिले। इनमें 77.29 फीसदी (9014 वोट) पाठकों ने हां में जवाब दिया, जबकि 21.08 फीसदी (2458 वोट) पाठकों ने इसका समर्थन है। वहीं 1.63 फीसदी (190 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।