टीम इंडिया के नए कोच को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच मामले ने नया तूल पकड़ लिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के पास टीम के कोच की नियुक्ति पर 'वीटो पावर' है या फिर इस मामले में क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का फैसला ही अंतिम व सर्वमान्य होगा। भारतीय टीम में कप्तान का रोल दमदार रहता है, मगर कोच चयन प्रक्रिया में उसका प्रभाव दिख पाना इस बार संभव होता नजर नहीं आ रहा।
बताया जा रहा है कि टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली के पास कोच चुनने की 'वीटो पावर' नहीं है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासन समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने साफ कर दिया है कि सलाहकार समिति अपने विवेक पर फैसला करेगी।
अमर उजाला डॉट काम ने इस विषय पर पाठकों की राय जानने के लिए पोल किया। हमने पोल में अपने पाठकों से पुछा था कि 'क्या कोच नियुक्ति में कप्तान की भूमिका सीमित करने के बीसीसीआई के रुख का आप समर्थन करते हैं?'
हमारे पोल के जवाब में कुल 6913 लोगों ने वोट किया। इसमें 66.17 फीसदी (4574) लोगों ने माना कि कोच नियुक्ति में कप्तान की भूमिका सीमित होनी चाहिए। जबकि 29.81 फीसदी (2061) लोगों ने माना कि कोच नियुक्ति में कप्तान की भूमिका सीमित नहीं होनी चाहिए। वहीं 4.02 फीसदी (278) लोगों ने इस सवाल का जवाब देने में असमर्थता जताई।