आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर चल रहा लंबा सस्पेंस अब खत्म होने जा रहा है। केंद्र सरकार 1 अप्रैल को लोकसभा में 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश करने जा रही है। इसका मकसद अमरावती को राज्य की एकमात्र आधिकारिक राजधानी का कानूनी दर्जा देना है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी-एनडीए सरकार की इस पहल को अमरावती के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।
आंध्र प्रदेश की राजधानी के भविष्य को लेकर वर्षों से चल रहा सियासी और कानूनी घमासान अब अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच गया है। टीडीपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की योजना के मुताबिक, 1 अप्रैल को लोकसभा में 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया जाएगा। अमरावती को कानूनी तौर पर आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी घोषित करना ही इस बिल का मकसद है।
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मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इसके बाद राज्य की राजधानी को लेकर चल रहा हर तरह का कानूनी असमंजस हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। एनडीए सरकार का विजन है कि अमरावती विश्व स्तरीय शहर बने।
क्या-क्या होगा बदलाव?
दरअसल, यह विधेयक 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014' में संशोधन के लिए लाया जा रहा है। इस नए संशोधन बिल के जरिए कानून में एक नई लाइन जोड़ी जाएगी। उसमें लिखा होगा कि अमरावती ही आंध्र प्रदेश की नई राजधानी होगी। वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना बना था। उस वक्त कानून में एक व्यवस्था की गई थी कि हैदराबाद अधिकतम 10 वर्ष के लिए ही दोनों राज्यों की साझा राजधानी रहेगा। इसके बाद हैदराबाद पूरी तरह तेलंगाना का हिस्सा बन जाएगा। आंध्र प्रदेश को अपनी एक नई राजधानी बनानी होगी। हालांकि, कानून में अमरावती के नाम का सीधा जिक्र नहीं था। बाद में राजनीतिक विवाद खड़े हुए। अब इसी कमी को दूर किया जा रहा है।
विधानसभा से पहले ही पास हो चुका है प्रस्ताव
28 मार्च को आंध्र प्रदेश विधानसभा ने अमरावती को इकलौती राजधानी बनाने के समर्थन में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सदन में प्रस्ताव रखा था। इसके बाद इस प्रस्ताव को राज्यसभा के सभापति, लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजा गया था।
2028 तक बनकर तैयार होगा सपनों का शहर
विधानसभा में सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि अमरावती ही आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी है। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत अब राजधानी को यहां से हटा या बदल नहीं सकती। मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को भरोसा दिलाया है कि अमरावती को एक शानदार 'ब्लू-ग्रीन सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा।