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अमर उजाला शब्द सम्मान-2024 : डॉ. एन. राजम आज करेंगी शब्द साधकों का सम्मान; गूंजेगी तीन पीढ़ियों की धुन

Fri, 28 Feb 2025 03:16 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हिंदी के प्रख्यात रचनाकार गोविंद मिश्र और गुजराती के विख्यात लेखक सितांशु यशश्चंद्र को सर्वोच्च शब्द सम्मान-आकाशदीप दिया जाएगा। 1 अगस्त, 1939 को उत्तर प्रदेश के बांदा में जन्मे गोविंद मिश्र को हिंदी लेखन क्षेत्र में अद्वितीय अवदान के लिए यह सम्मान अर्पित होगा।
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एन. राजम अपनी बेटी वायलिन वादक संगीता शंकर और अपनी नातिन रागिनी शंकर के साथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रख्यात संगीतज्ञ और वायलिन वादक डॉ. एन. राजम आज अमर उजाला शब्द सम्मान के विजेताओं को अलंकृत करेंगी। इस अवसर पर एन. राजम अपनी बेटी और सुपरिचित वायलिन वादक संगीता शंकर और अपनी नातिन रागिनी शंकर के साथ विशेष संगीत प्रस्तुति भी देंगी। कार्यक्रम नोएडा के सेक्टर 125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के सभागार में शाम 5:30 बजे से शुरू होगा। प्रवेश निमंत्रण पत्र के आधार पर ही मिलेगा।  

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सर्वोच्च शब्द सम्मान-आकाशदीप
हिंदी के प्रख्यात रचनाकार गोविंद मिश्र और गुजराती के विख्यात लेखक सितांशु यशश्चंद्र को दिया जाएगा। 1 अगस्त, 1939 को उत्तर प्रदेश के बांदा में जन्मे गोविंद मिश्र को हिंदी लेखन क्षेत्र में अद्वितीय अवदान के लिए यह सम्मान अर्पित होगा। वहीं, 19 अगस्त, 1941 को कच्छ, गुजरात में जन्मे सितांशु यशश्चंद्र को गुजराती भाषा के आधुनिक कला-साहित्य में अप्रतिम योगदान के लिए चुना गया है।

श्रेष्ठ कृति सम्मान
वर्ष 2023 में प्रकाशित श्रेष्ठ हिंदी कृतियों के लिए भी शब्द सम्मान की घोषणा कर दी गई है। इन सम्मानों में एक-एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं। छाप (कथा) युगल जोशी, छाप (कथेतर) ध्रुव शुक्ल, छाप (कविता) ज्योति चावला, थाप (पहली किताब) किंशुक गुप्ता और भाषा-बंधु (अनुवाद) सुभाष नीरव।

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भारतीय भाषाओं के सामूहिक स्वप्न की पृष्ठभूमि में अमर उजाला फाउंडेशन ने वर्ष 2018 में शब्द सम्मान की स्थापना की है।
  • सर्वोच्च 'आकाशदीप' अलंकरण हिंदी और अन्य भारतीय भाषा के एक-एक साहित्य मनीषी को अर्पित किया जाता है।
  • इस क्रम में अब तक हिंदी के लिए नामवर सिंह, ज्ञानरंजन, विश्वनाथ त्रिपाठी, शेखर जोशी तथा विनोद कुमार शुक्ल को और हिंदीतर भाषाओं के लिए गिरीश कारनाड (कन्नड़), भालचंद्र नेमाड़े (मराठी), शंख घोष (बांग्ला), प्रतिभा राय (उड़िया) तथा एमटी वासुदेवन नायर (मलयालम) को सर्वोच्च सम्मान दिया जा चुका है।
  • 'आकाशदीप' अलंकरण में पांच-पांच लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक के रूप में गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं।
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