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संवाद उत्तराखंड उदय 2018: पाठक ने पूछा- नितिन गडकरी जी स्वच्छता के बिना पर्यटन कैसे बढ़ेगा?

Mon, 08 Jan 2018 08:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नितिन गडकरी
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संवाद के जरिए समाधान ढूंढना ही मूलमंत्र है अमर उजाला संवाद उत्तराखंड उदय 2018 कार्यक्रम का। 8 जनवरी को देहरादून के होटल सरोवर पोर्टिको में होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी, राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा समेत अन्य क्षेत्रों की तमाम नामी-गिरामी हस्तियां मौजूद रहेंगी। नितिन गडकरी अमर उजाला डॉट कॉम पर पाठकों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देंगे। अमर उजाला के सुधि पाठक लगातार अपने सवाल भेज रहे हैं। 
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धीरज मित्तल राज्य की टूटी सड़कों की ओर नितिन गडकरी का ध्यान दिला रहे हैं। उन्होंने सवाल किया है कि, 'इस समय सरकार सड़क परिवहन पर बहुत खर्च कर रही है लेकिन जो पुराने रोड है उन पर कोई ध्यान नहीं है या यह कहें कि काम राज्य सरकार पर टाल दिया जाता है।' 

अमित तोमर गडकरी से पूछ रहे हैं कि नेशनल हाईवे या स्टेट हाईवे पर पड़ने वाली मस्जिद पीर या मंदिर के कारण रुके पड़े फ्लाइओवर की परियोजनाएं कौन सी सदी में पूरे होंगे। सालों साल से ऐसे अधूरे पड़े कार्यों की वजह से हजारों लोग दुर्घटना में जान गंवा चुके हैं।' 
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रॉबिन एम का कहना है कि, 'देहरादून में लक्ष्मण सिद्ध, कालू सिद्ध, मानक सिद्ध और माढ़ू सिद्ध जैसे धार्मिक स्थल हैं। लेकिन यहां सड़क, पार्किंग, बुनियादी सुविधाओं, मार्ग दर्शिकाओं की कमी है, जिसकी वजह से यह पर्यटकों को अपनी ओर खींचने में असफल हो रहा है। उनका कहना है कि, 'सरकार इन दिनों स्वच्छ भारत अभियान पर ध्यान दे रही है। लेकिन पूरा उत्तराखंड पोस्टर, बैनर से पटा पड़ा है जिससे यहां के शहरों की सुंदरता नष्ट हो रही है। सड़क के डिवाइडर, पोल, फ्लाईओर इनसे पूरे तरह गंदे हो गए हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ सरकार को एक कड़ा कानून बनाना चाहिए।'  

रवि चौहान भी राज्य में स्वच्छता से जुड़ा सवाल पूछ रहे हैं। वे पूछते हैं कि, 'सरकार पर्यटन को बढ़ाने के लिए मदद करती है। लेकिन देहरादून, हरिद्वार में सफाई कहीं नहीं है। क्या नेताओं के पोस्टर के लिए सरकार बनी है?' 
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अफसाना बानो की बस एक गुजारिश है...

नितिन गडकरी
रागिब का सवाल भी नितिन गडकरी से है। उन्होंने पूछा है कि, 'शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कक्षा आठ तक के छात्रों को फेल नहीं किया जा सकता लेकिन हमारे प्रदेश के शिक्षा मंत्री जी कह रहे हैं कि कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा होगी। बोर्ड परीक्षा का कया लाभ होगा जब छात्र फेल ही नहीं होगा?' 

आयुष कुमार का कहना है कि राज्य के मुख्यमंत्री को जमीनी स्थिति का पता ही नहीं चल पाता। आयुष ने नितिन गडकरी से सवाल किया है कि, 'सर, मुख्यमंत्री द्वारा औचक निरिक्षण की प्रथा कहां गुम हो गई? आप कृपया इस संबंध में अपनी राय व्यक्त कीजिए। क्योंकि प्रोटोकाल के तहत मुख्यमंत्री का दौरा होता है जहां उन्हें सब कुछ अच्छा दिखाने की कोशिश की जाती है।' 

अफसाना बानो ने प्रधानमंत्री से सवाल किया है कि, 'देश में बेरोजगारी की बढ़ती हुई समस्या को दूर करने का आपका वादा पूरा क्यों नहीं हुआ? सर, आपने देश का मान सम्मान बढ़ाया है। बस आपसे एक गुजारिश है कि केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, सबको कोई ना कोई रोजगार जरूर उपलब्ध कराएं। क्योंकि जब सब लोग काम में व्यस्त हो जाएंगे तो देश में ना दंगे होंगे ना ही अपराध बढ़ेगा।'

चंदू परसवान ने मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री से सवाल किया है कि, 'सरकार अभी तक युवाओं के लिए रोजगार की घोषणाओं के सिवा कुछ भी नहीं कर पाई है। उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की अपार सम्भावनाएं हैं जिसको जमीन पर उतारने के लिए सरकार को युवाओं में जागरूकता के साथ-साथ उन्हें प्रशिक्षित करने की भी जरूरत है। आखिर युवाओं की रोजगार की समस्या के निदान के लिए कब जमीनी स्तर पर कार्य शुरू होगा।' 

अमर उजाला उत्तराखंड उदय संवाद 2018 के प्रस्तुतकर्ता हैं पैसिफिक। स्मार्टफोन पार्टनर हैं कोमियो। सोशल मीडिया पार्टनर है फेसबुक। टीवी पार्टनर समाचार प्लस उत्तरप्रदेश/उत्तराखंड न्यूज चैनल है। उत्‍तराखंड शासन, पासपास पल्स, मदर्स प्राइड, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, आदित्य बिरला टैनफैक, ब्रिडकुल, अमरउजाला डॉट कॉम, फिरकी डॉट इन, माय रिजल्ट प्लस, अमर उजाला काव्य और अमर उजाला टीवी इस आयोजन के एसोसिएट पार्टनर्स हैं। टूव्हीलर पार्टनर हैं यूएम। आउटडोर पार्टनर हैं AUTDoors और ट्रैवल पार्टनर हैं GTS.

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