स्वतंत्रता किसी भी देश की बहुआयामी प्रगति और उद्धारक की भूमिका में होती है। आजादी हासिल करने की यात्रा राजनीति से होती हुुई समाज के कई स्तरों पर प्रवाहित होती है। भारत 15 अगस्त 2019 को अपनी स्वतंत्रता का 73वां जश्न मना रहा है। आजादी के सफर का यह छोटा सा इतिहास भारत की बहुरंगी विकास यात्रा का प्रतीक है।
इन 70 सालों में भारत ने चहुंओर विकास किया और हर आयाम में प्रगति की। भारत की इस प्रगति यात्रा का सिरा अंतरिक्ष और आसमान में भी खुलता है। दरअसल, 15 अगस्त 2019 को भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो को 50 साल पूरे हो रहे हैं। भारतीय अनुसंधान संगठन (इसरो) की शुरुआत 15 अगस्त 1969 के दिन, अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के मकसद से हुई।
इन वर्षों में, इसरो ने 60 तकनीकी विकास प्रक्षेपण, 87 भारतीय अंतरिक्ष शिल्प प्रक्षेपण, 8 छात्र उपग्रह प्रक्षेपण, 2 पुन: प्रवेश मिशन और 180 विदेशी उपग्रह- 23 देशों से- श्रीहरिकोटा से लिफ्ट-ऑफ किए हैं। इतना ही नहीं भारत के चांद पर पहुंचने के सपने को भी इसरो ने सफलतापूर्वक पूरा किया है।
2008 में चद्रयान 1 और 2019 में चंद्रयान 2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग ने भारत को बुलंदियों के नए आयाम दिए हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र के इस वर्ष 50 वीं सालगिरह के मौके पर आसमान और अंतरिक्ष में बुलंदी छू रहे हिंदुस्तान की इस नई इबारत को amarujala.com ने अपनी इसरो की शुरुआत, मध्यांतर और विकास की कहानियों में संजोने का प्रयास किया है। आप इन कहानियों में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विविध झांकियां, घटनाएं और यात्रा की झलकियां जानेंगे।