अंडमान के सेंटिनल द्वीप में आदिवासियों के तीरों से अमेरिकी नागरिक की हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। आयोग ने सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें अंडमान के 29 द्वीपों को पर्यटन के लिए विदेशी नागरिकों के लिए खोले जाने की इजाजत दी गई थी।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि अंडमान के सेंटिनल द्वीप पर अमेरिकी नागरिक जॉन ऐलन चाऊ की हत्या के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी सरकार को पत्र लिख कर चेताया था कि वह अंडमान के 29 द्वीपों को विदेशी नागरिकों के लिए न खोले।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सेंटिनल द्वीप जैसे स्थानों पर पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए?'
पोल के जवाब में 73.87 फीसदी पाठकों ने माना कि सेंटिनल द्वीप जैसे स्थानों पर पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए, जबकि 26.13 फीसदी पाठकों ने कहा कि सेंटिनल द्वीप जैसे स्थानों पर पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए।