सत्ता का महासंग्राम यानी लोकसभा चुनावों के लिए मतदान के चार चरण पूरे हो चुके हैं। मतदान के फीसद के हिसाब से देखा जाए तो अभी भी मतदाता जागरूकता वैसी नहीं आ पाई है जिसकी अपेक्षा थी। चुनाव आयोग ने वोटरों को बूथ तक खींचने के लिए वोट की महत्ता बताने से लेकर विज्ञापन तक का प्रयोग किया है। भीषण गर्मी को भी वोट फीसद अपेक्षा के अनुरूप न रहने का एक कारण माना जाता है।
इसी को लेकर अमर उजाला ने पाठकों से सवाल पूछा था कि क्या आम चुनाव गर्मियों के बजाय ठंड के मौसम में कराए जाएं तो मतदान प्रतिशत बढ़ेगा? इसके जवाब में तुल 5549 वोट पड़े। इसमें 73.83 फीसद लोगों ने कहा कि ठंड में आम चुनाव कराने से वोट प्रतिशत में बढ़ोत्तरी होगी, वहीं 26.17 फीसद लोगों ने कहा कि गर्मी के स्थान पर ठंड में चुनाव का आयोजन भी मतदान प्रतिशत में कोई अंतर नहीं ला पाएगा।