एससी/एसटी एक्ट में हुए संशोधन का विरोध देश के कई हिस्सों में जोर- शोर से हो रहा है लेकिन चुनावी मुहाने पर खड़े मध्य प्रदेश में इसकी व्यापकता अधिक दिखाई दे रही है। इस विरोध को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि साल के अंत में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा के चुनावों पर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सवर्णों के आंदोलन का असर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3,801 वोट मिले। इनमें 74.69 फीसदी (2,839वोट) पाठकों ने माना कि सवर्णों के आंदोलन का असर आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है, जबकि 25.31 फीसदी (962 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि सवर्णों के आंदोलन का असर आगामी विधानसभा चुनावों पर नहीं पड़ेगा।