आधार कार्ड की अनिवार्यता पर भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमेरिकी विशेषज्ञों ने संतुलित बताया है। साथ ही इन विशेषज्ञों ने जोर देते हुए कहा कि भारत को अब बिना देर किए डेटा शेयरिंग और निजता कानून को लागू करना चाहिए।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही हाथों तक पहुंचे यह सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने आधार योजना को लांच किया था। इसके बाद 2014 में सत्ता में आई मोदी सरकार को आधार का दायरा बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है।
अमर उजाला डॉट कॉम ने इस मुद्दे पर ऑनलाइन पोल में सवाल पूछा था कि 'क्या आधार पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निजता की रक्षा होगी?' इस सवाल पर लगभग 65.91 प्रतिशत लोगों का मानना है कि आधार पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निजता की रक्षा होगी। वहीं, लगभग 34.09 प्रतिशत लोगों का मानना है कि आधार पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निजता की रक्षा नहीं होगी।