राफेल विमान सौदे में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांक्वा ओलांद ने कहा कि डील में रिलायंस कंपनी का नाम भारत सरकार ने प्रस्तावित किया था। ओलांद के इस बयान के बाद विपक्ष हर ओर से सरकार को घेरने में लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री तक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने ओलांद के बयान को खारिज किया है।
अमर उजाला डॉट कॉम ने इस मुद्दे पर ऑनलाइन पोल कराया था कि 'क्या राफेल सौदे पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के बयान से देश की राजनीति में भूचाल आएगा?' इस पर 54.53 प्रतिशत लोगों का मानना है कि यह मुद्दा भारतीय राजनीति को प्रभावित करेगा। वहीं, 45.47 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इस मामले का देश की राजनीति में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।