तीन तलाक का मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक सुर्खियों में है। शनिवार को एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समाज के लोगों से गुजारिश की थी कि वे तीन तलाक के मसले का राजनीतिकरण न करें। उन्होंने कहा कि तीन तलाक की प्रथा के खराब प्रभावों से मुस्लिम महिलाएं सीधा प्रभावित हो रही हैं। यह समाज में व्याप्त एक ऐसी बुराई है जिसका नुकसान हमारी मुस्लिम बहनों को उठाना पड़ता है। मैं उम्मीद करता हूं कि तीन तलाक से गुजर रही हमारी मुस्लिम बहनों को बचाने के लिए उसी समाज से लोग सामने आएंगे।
इस खबर पर अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल करके पाठकों से पूछा कि 'क्या मुस्लिम मर्द समाज में तीन तलाक की प्रथा के खिलाफ माहौल बन रहा है ?' इस पोल में कुल 3024 पाठकों ने भाग लिया। पोल के जवाब में 65.84 फीसदी (1991वोट) पाठकों ने माना कि मुस्लिम मर्द समाज में तीन तलाक की प्रथा के खिलाफ माहौल बन रहा है। वहीं 31.22 फीसदी यानी 944 पाठकों का मानना है कि मुस्लिम मर्द समाज में तीन तलाक को लेकर कोई बदलाव होता नहीं दिख रहा है। जबकि 2.94 फीसदी यानी 89 पाठकों ने इस सवाल का जवाब देने में असमर्थता जताई।