महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव हैं। यूं तो भारत में चुनाव कहीं भी हो जाति और धर्म का गणित हर कोई लड़ाता है लेकिन इस बार चुनावों में बीएमसी ने इस गणित में हिस्सेदारी की है। जिसे मुस्लिमों को रिझाने के तौर पर देखा जा रहा है।
ख़बरो की मानें तो शिवसेना ने महाराष्ट्र के उर्दू अखबारों में मुस्लिमों को रिझाने के लिए भाजपा की खिलाफत करता हुआ एक विज्ञापन छापा है। जिसमें खुद को उनके हमदर्द के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई।
अमर उजाला ने शिवसेना की इसी कोशिश पर ऑनलाइन एक पोल किया। पोल का सवाल था, 'क्या मुस्लिमों को रिझाने की शिवसेना की कोशिश कामयाब रहेगी ?'
पोल के नतीजे कुछ यूं हैं।
- पोल में कुल 6852 लोगों ने वोट किया।
- पोल में 16.88% यानि 1152 लोगों का माना है कि शिवसेना की मुस्लिमों को रिझाने की ये कोशिश कामयाब रहेगी।
- वहीं, 78.58% यानि 5363 लोगों का मानना है कि ऐसा नहीं होगा। यानि शिवसेना की ये कोशिश उसके कोई काम नहीं आएगी।
- जबकि 4.54% यानि 310 लोग ऐसे भी हैं जो इस बारे में स्पष्ट रूप से कोई राय नहीं रखते।