मंगलवार (9 दिसंबर) को उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर देश भर के मदरसों को समाप्त कर सामान्य शिक्षा नीति बनाने की मांग की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर मदरसा बोर्ड से पंजीकृत अधिकतर मदरसों को फर्जी बताते हुए बोर्ड को खत्म कर इन मदरसों को स्कूलों मे हस्तांतरित करने की मांग उठाई। उन्होंने दावा किया था कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे आतंक के रास्ते पर जा रहे हैं।
रिजवी ने कहा था कि मदरसे की शिक्षा देकर बच्चों को सामान्य शिक्षा से दूर किया जा रहा है। यहां पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा का स्तर इतना नीचे है कि वे सर्व शिक्षा से दूर होकर आतंक के रास्ते पर जा रहे हैं। उन्होंने पीएम से मदरसों को बंद कर सामान्य शिक्षा नीति बनाने की मांग की थी। अपनी मांग को पुख्ता करने के लिए पत्र में 27 बिन्दुओं पर खामियां गिनाई थी।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या मदरसों को लेकर शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के सवालों को आप सही मानते हैं?'
पोल के जवाब में हमें कुल 6,181 वोट मिले। इनमें 70.51 फीसदी (4358 वोट) पाठकों ने माना कि मदरसों को लेकर शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के उठाए गए सवाल सही हैं, जबकि 27.57 फीसदी (1704 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि मदरसों को लेकर सैयद वसीम रिजवी के उठाए गए सवाल सही नहीं हैं। वहीं 1.93 फीसदी (119 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई