आतंकियों के खात्मे को चलाए जाने वाले ऑपरेशन ऑलआउट से राजनीति आउट हो गई है। अब सुरक्षाबल बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे। कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई पर राजनीति भारी पड़ रही थी। रमजान में एकतरफा सीजफायर करने का फैसला भारी पड़ा। आतंकी सेना और पुलिस पर हावी हो गए थे।
सूत्रों का कहना है कि भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस को चार दिन पहले ही बोल दिया गया था कि आतंकियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करें। रक्षा विशेषज्ञों की भी राय है कि अब सुरक्षाबलों को आतंकियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। एकतरफा सीजफायर का आखिर नतीजा क्या हुआ।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या अब कश्मीर में सुरक्षा बल आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज कर देंगे?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 3464 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 90.53 फीसदी (3136 वोट) पाठकों ने माना कि अब कश्मीर में सुरक्षा बल आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज कर देंगे। जबकि 9.47 फीसदी (328 वोट) पाठकों ने माना कि अब कश्मीर में सुरक्षा बल आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज नहीं करेंगे।