जम्मू-कश्मीर पर गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज के दिए बयानों को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। जहां भाजपा ने पुरजोर तरीके से आजाद को घेरते हुए उनके बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए गैर-जिम्मेदाराना और शर्मनाक बताया है। वहीं कांग्रेस ने आजाद का बचाव करते हुए कहा कि उनकी चिंता देश के हर निर्दोष नागरिक को लेकर थी। साथ ही सोज के बयान को अप्रासंगिक बताते हुए सिरे से खारिज किया है।
शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जम्मू-कश्मीर पर कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद के दिए बयान पर कहा कि कांग्रेसी नेता की यह टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है, साथ ही उनका यह बयान गैरजिम्मेदराना और शर्मनाक है। प्रसाद ने कहा कि उनके इस बयान से पाकिस्तान के लोग ज्यादा खुश होंगे।
सुरजेवाली ने कहा कि किताब बेचने के सस्ते हथकंडे अपनाने के लिए किसी व्यक्ति के बयान से यह शाश्वत सत्य बदलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस प्रकार के सभी बयानों को अप्रासंगिक ठहराते हुए सिरे से खारिज करती है, साथ ही यह भी कहना चाहूंगा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, था और सदैव रहेगा।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या अपनी किताब के प्रचार के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज को कश्मीर पर विवादित बयान देना चाहिए था?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 2736 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 17.43 फीसदी (477 वोट) पाठकों ने माना कि अपनी किताब के प्रचार के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज को कश्मीर पर विवादित बयान देना चाहिए था। जबकि 82.57 फीसदी (2259 वोट) पाठकों ने माना कि अपनी किताब के प्रचार के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज को कश्मीर पर विवादित बयान नहीं देना चाहिए था।