पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। बीते दिनों में राजनीतिक उथल-पुथल से जूझता रहा यह राज्य कुछ अनहोनियों का भी गवाह बना है। यहां के अमृतसर में पहले बेअदबी का मामला सामने आया और मॉब लिंचिंग में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। वहीं, इसके कुछ दिन बाद ही लुधियाना में कचहरी परिसर में धमाका हो गया।
कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव से पहले राज्य में व्यवस्था बिगाड़ने के लिए साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। अमर उजाला ने इसे लेकर जनता की राय जानने के लिए सवाल पूछा था कि क्या पंजाब में पहले बेअदबी और फिर कचहरी परिसर में धमाका विधानसभा चुनाव से पहले राज्य को अस्थिर करने की साजिश हो सकती है?
पोल के जवाब में 90.33 फीसदी लोगों ने कहा कि इस बात की संभावना है कि यह राज्य को अस्थिर करने की साजिश हो सकती है। वहीं, केवल 9.67 फीसदी लोगों ने इससे इत्तेफाक नहीं जताया। बता दें कि राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस को बीते कुछ समय में भीषण आंतरिक कलह का सामना करना पड़ा है।
पंजाब के हालात बिगाड़ने नहीं देगी सरकार: पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा, केंद्र सरकार किसी को भी पंजाब के हालात बिगाड़ने नहीं देगी। चाहे वह भीतरी ताकत हो या बाहरी। लुधियाना कोर्ट में हुई धमाके के दोषियों का पता लगाने के लिए एजेंसियां सघन जांच में जुटी हैं।
पुरी ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा, बहुत जल्दी धमाके के पूरे तथ्य सामने आ जाएंगे। अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं। सरकार इस घटना व ऐसी दूसरी गतिविधियों की जड़ तक जाकर दोषियों का पता लगाएगी।
प्रेस कान्फ्रेंस में रैलियां व यूपी विधानसभा चुनाव टालने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के बयान से जुड़े सवाल पर पुरी व भाजपा प्रवक्ता सुद्धांशु त्रिवेदी ने कहा कि इस पर फैसला निर्वाचन आयोग लेगा। वहीं हरिद्वार में हुई धर्म संसद में मुसलमानों को निशाना बनाए जाने के सवाल पर त्रिवेदी ने कहा, हमारी पार्टी सबको साथ लेकर चलती है। यह सवाल आप सीधे उन लोगों से पूछिए जो ऐसे आयोजनों के पीछे हैं।
संसद नहीं चलने देने के लिए विपक्ष पर साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने संसद में व्यवधान डाल सदन नहीं चलने देने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा। खासतौर पर राज्यसभा में विपक्षी सांसदों के गलत आचरण पर त्रिवेदी ने कहा, गलत आचरण के लिए माफी नहीं मांगना विपक्षी सांसदों के हठ और बेशर्मी को दर्शाता है। भाजपा प्रचंड बहुमत से सत्ता में है लेकिन संसद चलने देना सिर्फ उसकी जिम्मेदारी नहीं बल्कि अन्य दलों की भी है।