टाटा समूह में उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। समूह के चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद सायरस मिस्त्री ने नाराजगी जाहिर की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टाटा बोर्ड को एक मेल में उन्होंने लिखा है कि बोर्ड के फैसले से मैं स्तब्ध हूं। मुझे अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया गया। बोर्ड ने अपनी साख के मुताबिक काम नहीं किया।
मिस्त्री को हटाए जाने के बाद दुनिया भर में इसकी चर्चा है, इसी को देखते हुए अमर उजाला ने पोल कराया, जिसमें पाठकों से पूछा गया कि सायरस मिस्त्री को अचानक हटाने का टाटा का निर्णय सही है?
पोल में पाठकों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। सबसे ज्यादा 55.67 फीसदी (2422) पाठकों ने टाटा के फैसले को सही बताया। 31.60 फीसदी (1375) पाठकों ने सायरस को हटाने का विरोध दर्ज कराया। उनके मुताबिक टाटा ने मिस्त्री को हटाकर गलत फैसला किया। वहीं, 12.73 (554) फीसदी पाठकों ने कहा कि वे बता नहीं सकते कि टाटा का फैसला सही था या गलत। पोल में कुल 4,351 पाठकों ने हिस्सा लिया।