यूपी के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ लोकभवन में पहली मीटिंग की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को भाजपा का घोषणापत्र सौंपा और उसको पूरा करने के सुझाव मांगे। सीएम ने अधिकारियों को भी 15 दिन के भीतर संपत्ति का ब्योरा देने का फरमान दिया है।
इस मामले पर अमर उजाला ने एक ऑनलाइन पोल किया जिसमें सवाल पूछा गया "अफसरों से योगी ने 15 दिनों में मांगा संपत्ति का ब्योरा। क्या आपको लगता है इस आदेश से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी?"
इस पोल में कुल 15713 पाठकों ने हिस्सा लिया। जिसमें से 80.44 (12639 वोट) फीसदी पाठकों ने कहा कि योगी के इस फैसले से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। वहीं 16.55 (2601 वोट) फीसदी पाठकों के मुताबिक इससे भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगेगी। वहीं 3.01 (473 वोट) फीसदी पाठकों ने इस सवाल का जवाब देने में असमर्थता जाहिर की।