देश में राम मंदिर का मुद्दा आस्था और राजनीति की दृष्टि से हमेशा से ही प्रासंगिक रहा है। लोकसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू होते ही अब इस मुद्दे पर फिर से रार मचना शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर आज विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली में प्रेस वार्ता की। कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मंदिर की लड़ाई को हिंदू समाज लंबे समय से लड़ रहा है, यह लोकतंत्र की लड़ाई है। संत समाज और जनता हमारे साथ है। हम मंदिर के लिए और इंतजार नहीं कर सकते और सरकार जल्द से जल्द इसपर कानून बनाए।
वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि प्रयागराज के कुंभ में 31 जनवरी और 1 फरवरी को संत समाज मिलकर धर्म संसद में मंदिर के मुद्दे पर आगे की रणनीति पर फैसला करेगा। मंदिर मुद्दे पर कपिल सिब्बल पर बोलते हुए उन्होनें कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया और मामला लटकाने का आरोप लगाया। अलोक शर्मा ने कहा कि मंदिर मुद्दे पर सभी सांसदों से मुलाकात हो रही है, अभी वाराणसी के सांसद (प्रधानमंत्री मोदी) से मुलाकात नहीं हो पाई है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या लोकसभा चुनाव में राम मंदिर एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर उभरेगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4032 वोट मिले। इनमें 65.92 फीसदी (2628 वोट) पाठकों ने माना कि लोकसभा चुनाव में राम मंदिर एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर उभरेगा। जबकि 34.8 फीसदी (1374 वोट) पाठकों ने माना कि लोकसभा चुनाव में राम मंदिर एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर नहीं उभरेगा।