रविवार (18 मार्च) को कांग्रेस अधिवेशन के आखिरी दिन राहुल गांधी ने अपने समापन भाषण को बड़े जोश के साथ संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार करने पर पूरा जोर दिया। उन्होंने देश के मौजूदा हालातों की तुलना महाभारत से की थी, और कहा कि 'हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र में युद्ध हुआ था जिसमें एक तरफ कौरव सत्ता के नशे में चूर थे तो वहीं पांडव बड़े ही विनम्र थे। आज भाजपा भी सत्ता के नशे में चूर है। कांग्रेस पांडवों की तरह सच्चाई के लिए लड़ती है जो कि एक सच्चाई का संगठन है और जिससे देश को बहुत उम्मीदें हैं।
इसके साथ ही इस दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के संगठन में बदलाव के भी संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक दीवार है जिसे मैं तोड़कर रहूंगा। हम इज्जत और प्यार से दीवार तोड़ेंगे। हम संगठन से जुड़े आखिरी कार्यकर्ताओं को भी अवसर देंगे।'
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'कांग्रेस अधिवेशन में राहुल गांधी के भाषण से क्या देश में पार्टी की स्थिति में मजबूती आएगी?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3,297 वोट मिले। इनमें 40.76 फीसदी (1,344 वोट) पाठकों ने माना कि कांग्रेस अधिवेशन में दिए राहुल गांधी के भाषण से पार्टी की स्थिति में मजबूती आएगी, जबकि 59.24 फीसदी (1,953 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कांग्रेस अधिवेशन में दिए राहुल गांधी के भाषण के बावजूद पार्टी की स्थिति नहीं बदलेगी।