देशभर में चार लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना पड़ा है। उपचुनाव में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने आम मतदाताओं को परेशान किया जिसका खामियाजा भाजपा हार के रूप में मिला। ये हार इस साल होने वाले तीन राज्यों के चुनावों में मुश्किल खड़ी कर सकती हैं।
कर्नाटक में भाजपा का विजयी रथ रोकने के बाद अब कांग्रेस भी तेल की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाकर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले चुनावों के लिए भाजपा को घेरने करेगी।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या उपचुनाव परिणाम के बाद सरकार पर पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करने का दबाव बढ़ेगा?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 3443 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 78.07 फीसदी (2688 वोट) पाठकों ने माना कि उपचुनाव परिणाम के बाद सरकार पर पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करने का दबाव बढ़ेगा। जबकि 21.93 फीसदी (755) पाठकों ने माना कि उपचुनाव परिणाम के बाद सरकार पर पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करने का दबाव नहीं बढ़ेगा।