चुनाव प्रचार अभियानों को नया तरीका देने वाले प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हाथ थामते हुए जद(यू) में शामिल हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तक को चुनाव प्रचार में अपनी सेवाएं देने वाले प्रशांत के राजनीतिक पदार्पण पर चुनावी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं कि क्या वह जेडीयू की नैया पार लगा सकेंगे?
इसी मुद्दे पर अमर उजाला डॉट कॉम ने 'क्या प्रशांत किशोर जेडीयू के तारणहार साबित होंगे?' शीर्षक से ऑनलाइन पोल करवाया था। पोल के नतीजों के अनुसार 41.22 प्रतिशत लोगों ने माना कि प्रशांत किशोर का जेडीयू में आना पार्टी के लिए फायदे का सौदा साबित होगा। वहीं, 58.78 प्रतिशत लोग मानते हैं कि ऐसा नहीं होगा।