बहुजन समाज पार्टी के खाते में 104 करोड़ रुपये जमा होने की खबर मीडिया की सुर्खियों में बनी रही। खाते में करोड़ों रुपये का खुलासा होने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपनी सफाई पेश की।
मायावती ने कहा कि ये पार्टी का पैसा है, क्या इसे फेंक देती? इस मिले पैसे की एक-एक पाई का हिसाब मेरे पास है। उन्होंने ये भी कहा कि बसपा ने अपने नियमों के तहत ही बैंक में पैसे जमा करवाए हैं और ये एक रूटीन प्रक्रिया है।
हालांकि, इन आरोपों पर मायावती ने बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि सरकार उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम दलित की बेटी से खफा है। बीजेपी नहीं चाहती कि दलित की बेटी के हाथ मास्टर चाबी आए।
बसपा के खातों के खुलासे पर राजीनीतिक ऐजेंडा से जोड़ा जा रहा है। इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल किया। पोल में सवाल पूछा, 'बसपा के खिलाफ ईडी की कार्रवाई क्या राजनीति से प्रेरित है?'
पोल में कुल 11,954 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 50.60 फीसदी यानि 6,049 पाठकों ने माना कि बसपा के खिलाफ ईडी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित नहीं है। 48.26 फीसदी यानि 5,769 पाठकों ने माना कि बसपा के खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे राजनीति है। वहीं 1.14 फीसदी यानि 136 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।