सोमवार (5 मार्च) को चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए दो कार्यकाल की समय सीमा को समाप्त करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभुत्व को बरकरार रखने और नेतृत्व की एकता के लिए यह जरूरी था।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति ने संविधान में संशोधन करके राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के दो कार्यकाल की समय सीमा को समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया। हाल ही में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने वाले शी के बारे में कहा जा रहा है कि इस प्रस्ताव से वह तीसरा कार्यकाल और उसके बाद भी आजीवन राष्ट्रपति बने रहेंगे। इस पर चीन और विदेशों में चिंता और अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'चीन में हो रहे राजनीतिक बदलाव का भारत पर कैसा असर पड़ेगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,527 वोट मिले। इनमें 26.71 फीसदी (675 वोट) पाठकों ने माना कि चीन में हो रहे राजनीतिक बदलाव का भारत पर बुरा असर पड़ेगा, जबकि 54.17 फीसदी (1,369 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि चीन में हो रहे राजनीतिक बदलाव का भारत पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। वहीं 19.11 फीसदी (483 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।