दक्षिण अफ्रीका में खेली जा रही तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में सोमवार को टीम इंडिया को 72 रनों से हार का सामना करना पड़ा। प्रोटियाज तेज गेंदबाज वेर्नोन फिलेंडर (6 विकेट) ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया को दूसरी पारी में 135 रन पर समेट दिया और टीम को 72 रन की जीत दिलाई। इसी के साथ मेजबान टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
उल्लेखनीय है कि पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका टीम ने अपनी पहली पारी में 286 रन बनाए थे। पहली पारी के आधार पर मेजबान टीम को 77 रन की बढ़त मिली। लेकिन इसके बाद चौथे दिन के खेल में दक्षिण अफ्रीका की टीम 130 रन पर ढेर हो गई और टीम इंडिया को 208 रन का लक्ष्य मिला था।
208 रन के लक्ष्य को देखकर टीम इंडिया और फैंस मानने लगे थे कि सीरीज में आसानी से बढ़त हासिल कर लेंगे और इतिहास रचने की तरफ आगे बढ़ेंगे। मगर विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया बल्लेबाजों ने शर्मसार किया और उसकी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
एक समय 92 रन पर सात विकेट गंवा चुकी टीम इंडिया हार की कगार पर खड़ी थी, लेकिन रविचंद्रन अश्विन (37) और भुवनेश्वर कुमार (13*) के साथ आठवें विकेट के लिए 49 रन की साझेदारी की और जीत की आस भी जगाई। हालांकि, उनका यह प्रयास नाकाफी रहा और दक्षिण अफ्रीका ने बड़े अंतर से बाजी जीती।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या आप मानते हैं कि विदेशों में तेज पिच अभी भी टीम इंडिया की बड़ी कमजोरी है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 5097 वोट मिले। इनमें 88.15 फीसदी (4493 वोट) पाठकों ने माना कि विदेशों की तेज पिच अभी भी टीम इंडिया के लिए बड़ी कमजोरी है, जबकि 9.83 फीसदी (501वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि विदेशों की फास्ट पिच टीम इंडिया के लिए कमजोरी नहीं है। वहीं 2.02 फीसदी (103 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।