बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानि बीएमसी के चुनावों में भाजपा नंबर वन पार्टी बनकर सामने आई है। हालांकि बीएमसी के परिणामों ने सारे सत्ता समीकरणों को उलझा कर रख दिया है। कांटे की टक्कर में शिवसेना को 84 और भाजपा को 82 सीटें मिली हैं, जबकि 31 सीटें लेकर कांग्रेस तीसरे नंबर पर है, 9 सीटों के साथ एनसीपी चौथे और 7 सीटों के साथ राज ठाकरे की मनसे पांचवे स्थान पर रही।
अहम बात ये है कि शिवसेना और भाजपा पहली बार अलग-अलग चुनाव लड़े और ये दोनों ही दलों के लिए फायदे का सौदा रहा। हालांकि इस मामले में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के लिए ये बात नुकसानदायक साबित हुई। भविष्य में ये देखना दिलचस्प होगा कि शिवसेना और भाजपा का एक-दूसरे के प्रति क्या रुख रहता है। इसी बात का अंदाजा लगाने के लिए अमर उजाला ने ऑनलाइन एक पोल किया। जिसका सवाल था, 'क्या महाराष्ट्र निकाय चुनावों में पिछड़ने के बाद भी शिवसेना के तीखे तेवर बने रहेंगे ?'
पोल का परिणाम कुछ यूं है-
- पोल में कुल 6803 लोगों ने वोट किया।
- पोल में 41.73% यानि 2839 लोगों का मानना है कि शिवसेना के तेवर तीखे बने रहेंगे।
- वहीं, 54.95% लोगों यानि 3738 लोगों का मानना है कि ऐसा नहीं होगा।
- जबकि 3.32% यानि 225 लोग इस बारे में कुछ कह नहीं सकते।