श्रीनगर में सुरक्षा बलों पर पथराव करते युवक
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कश्मीर में हिंसा पर काबू पाने के लिए पेलेट गन का इस्तेमाल किया जा रहा है। पेलेट गन से घायल हुई इंशा से राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हाल ही में मुलाकात की। मुफ्ती ने उसे दिलासा दिया कि जरूरत पड़ी तो वह उसे अपनी आंखें देने को तैयार हैं। मुफ्ती के बयान के बाद घाटी में पेलेट गन के इस्तेमाल पर पहले से छिड़ी बहस और तेज हो गई है। इसी विषय पर पाठकों की राय जानने के लिए अमर उजाला डॉट कॉम ने अपने पाठकों से सवाल पूछा।
पाठकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए तीन विकल्प दिए गए थे। पहला- हां, केंद्र को पेलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगानी चाहिए, दूसरा- नहीं लगानी चाहिए और तीसरा- कुछ नहीं सह सकते। ऑनलाइन पोल कुल 4,924 पाठकों ने हिस्सा लिया।
सबसे अधिक 68.24 फीसद यानी 3,360 पाठकों ने दूसरे यानी नहीं वाले विकल्प को चुना। इनका मानना है कि केंद्र को पेलेट गन के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगानी चाहिए। 29.67 फीसद यानि 1,461 लोगों का यह मानना हां, रोक लगानी चाहिए। 2.09 फीसद यानि 103 लोगों का मानना है, कुछ कह नहीं सकते।