सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन सिंह रावत ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता तभी हो सकती है, जब वह जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों का साथ देना बंद कर दे। पर पाकिस्तान की करतूतों से नहीं लगता कि पाकिस्तान सच में शांति वार्ता चाहता है।
थार में दक्षिणी कमांड के सैन्य अभ्यास ‘हमेशा विजयी’ को देखने के लिए रावत पश्चिम सेक्टर में मौजूद थे। यह इलाका बाड़मेर से लगती भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक है।
रावत ने कहा, पाकिस्तान को आतंकियों का समर्थन बंद करना चाहिए। तभी हम कह सकते हैं कि शांति वार्ता शुरू होनी चाहिए, लेकिन उसके जिस तरह के काम होते हैं और जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद फैल रहा है। लगता नहीं है कि वे वास्तविकता में शांति चाहते हैं।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या चीन और पाकिस्तान साथ मिलकर भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं'? सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 11340 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 89.63 फीसदी (10164 वोट) ने माना कि चीन और पाक साथ मिलकर भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। जबकि 6.97 फीसदी पाठकों (790 वोट) ने माना ऐसा नहीं है। वहीं, 3.4 फीसदी (386 वोट) पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।