ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार (21 जनवरी) को अयोग्य करार दे दिया। चुनाव आयोग की सिफारिश बाद राष्ट्रपति ने यह मंजूरी दी। राष्ट्रपति की मुहर के बाद इस निर्णय की अधिसूचना जारी कर दी गई है। बता दें कि केजरीवाल ने इन 20 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया था। इससे पहले चुनाव आयोग की कार्रवाई को 'आप' ने असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक बताया गया था। जिसके बाद विधायकों के कोर्ट पहुंचने से पहले ही राष्ट्रपति ने अपना फैसला सुना दिया।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या आप मानते हैं कि 'आप' के खिलाफ आयोग की कार्रवाई से सबक लेंगी दूसरी पार्टियां?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4,899 वोट मिले। इनमें 70.2 फीसदी (3,439 वोट) पाठकों ने माना कि आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों के खिलाफ की गई कार्रवाई से दूसरी राजनीतिक पार्टियां सबक लेंगी, जबकि 26.5 फीसदी (1,298 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि 'आप' विधायकों के खिलाफ की गई कार्रवाई से दूसरी राजनीतिक पार्टियां सबक नहीं लेंगी। वहीं 3.31 फीसदी (162 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।