आरक्षण के विरोध में आयोजित भारत बंद का असर अब धीरे धीरे ही सही लेकिन हिंसक हो ही गया। बिहार के आरा से हिंसा की शुरुआत हुई। यहां करीब दर्जन भर लोग हिंसक झड़प में घायल हुए। जगह जगह रेलवे रोकी गई, सड़क बद की गई वहीं कई जगह तो बाजार भी जबरदस्ती बंद करवाया गया।
बंद का सबसे व्यापक असर बिहार में देखने को मिला। बिहार के पटना, बेगूसराय, लखीसराय, मुज्जफ्फरपुर, भोजपुर, शेखपुरा, नवाडा और दरभंगा में कई जगहों पर हिंसक झड़प हुई। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने सड़कों को जाम कर दिया और ट्रेन भी रोकी।
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने 2 अप्रैल के भारत बंद से सबक लेते हुए आज पहले ही किसी भी हिंसा से निपटने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था कर ली थी। प्रदेश के सहारनपुस, मुज्जफ्फनगर, शिमला, हापुड़, आगरा में जहां इंटरनेट बंद कर दिया गया वहीं फिरोजाबाद जिले में सावधानी बरतते हुए स्कूल को बंद रखा गया। जबकि कुछ जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
उत्तराखंड में प्रशासन ने किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन और जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं नैनीताल में कई लोगों के एक जगह एकत्रित होने पर भी रोक लगा दी गई। वहीं प्रशासन अधिकारियों ने कहा कि कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आप मानते हैं कि कुछ संगठन अपने फायदे के लिए बंद आयोजित कर देश का नुकसान करते हैं?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 2476 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 88.06 फीसदी (2181 वोट) पाठकों ने माना कि कुछ संगठन अपने फायदे के लिए बंद आयोजित कर देश का नुकसान करते हैं। जबकि 11.91 फीसदी (295) पाठकों ने माना कि कुछ संगठन अपने फायदे के लिए बंद आयोजित कर देश का नुकसान नहीं करते।