मंगलवार (13 फरवरी) पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने एक उस अध्यादेश पर दस्तखत किए हैं जिसका मकसद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा व तालिबान जैसे संगठनों पर शिकंजा कसना है। पाकिस्तान के अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह अध्यादेश मुख्य रूप से आतंकवाद निरोधक अधिनियम (एटीए) की एक धारा में संशोधन करता है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या पाकिस्तानी राष्ट्रपति के आदेश के बाद वहां से संचालित होने वाली आतंकी गतिविधियां खत्म हो सकेंगी?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,918 वोट मिले। इनमें 14.64 फीसदी (428 वोट) पाठकों ने माना कि अब पाकिस्तानी राष्ट्रपति के आदेश के बाद वहां से संचालित होने वाली आतंकी गतिविधियां खत्म हो जाएंगी। जबकि 85.36 फीसदी (2496 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति के आदेश के बाद वहां से संचालित होने वाली आतंकी गतिविधियां खत्म नहीं होंगी।